"भरोसे से"Wednesday, November 19, 2008
Saturday, November 15, 2008
Tuesday, November 11, 2008
Monday, October 6, 2008
इंतज़ार

"इंतज़ार""तुझको है इंतज़ार लफ्जों का,
हम तेरा इंतज़ार करते हैं
दिल पे एक बोझ सा हमारे है,
दिल पे एक बोझ सा हमारे है,
कह के कुछ अश्कबार करते हैं
लफ्ज़ पूरे कहाँ हैं कहने को,
लफ्ज़ पूरे कहाँ हैं कहने को,
हम तुझे इतना प्यार करते हैं
अब तखय्युल मैं तुम ही बसते हो,
अब तखय्युल मैं तुम ही बसते हो,
हम जो बातें हज़ार करते हैं
तेरे होटों को है सलाम उनका,
तेरे होटों को है सलाम उनका,
हम तेरे लिए दुआ बेशुमार करते हैं
एक "मुलाकात " ही तो है बाकी,
http://vangmaypatrika.blogspot.com/2008/10/blog-post_06.html
Tuesday, September 30, 2008
"तेरी याद में"

"तेरी याद में"तेरी ग़ज़लों को पढ़ रहा हूँ मैं ,
और तेरी याद में शिद्दत है बहुत
जैसे तुझसे ही मिल रहा हूँ मैं,
जैसे तुझसे ही मिल रहा हूँ मैं,
और तेरे प्यार में राहत है बहुत
वो तेरे वस्ल का दिन याद आया,
वो तेरे वस्ल का दिन याद आया,
मुझ पे अल्लाह की रहमत है बहुत
तुझसे मिलने को तरसता हूँ मैं,
तुझसे मिलने को तरसता हूँ मैं,
मेरी जान तुझ से मुहब्बत है बहुत
तेरे अंदाज़ में ख़ुद को देखा,
तेरे अंदाज़ में ख़ुद को देखा,
हाँ तुझे मेरी ही चाहत है बहुत 

http://rachanakar.blogspot.com/2008/11/blog-post_25.html
Thursday, September 25, 2008
Saturday, September 20, 2008
"तेरी चाहत"


"तेरी चाहत"
तेरी हर अदा पे मुझे बस प्यार आता है,
जब मेरे साथ तू होती है करार आता है..
तेरी आँखें है सनम, या के हैं जाम-ऐ-शराब,
तेरी आँखें है सनम, या के हैं जाम-ऐ-शराब,
तेरी नज़रों को मैं देखूं तो खुमार आता है..
तू मेरे सामने है, ख्वाब हो , बेदारी हो,
तू मेरे सामने है, ख्वाब हो , बेदारी हो,
अपनी बांहों में लिए तुझ को चला जाता हूँ..
तुझसे मिलने पे जो आजाए जुदाई का ख़याल,
तुझसे मिलने पे जो आजाए जुदाई का ख़याल,
दिल में तूफ़ान सा उठता ही चला जाता है..
तेरी चाहत की मेरे दिल में है हद कितनी,
तेरी चाहत की मेरे दिल में है हद कितनी,
Saturday, September 6, 2008
तुम्हारी याद है



"तुम्हारी याद है"
एक तरफ़ तुम हो तुम्हारी याद है,
दूसरी जानिब ये दुनिया है कोई बरबाद है,
तीसरी जानिब कोई मासूम सी फरियाद है .
वस्ल के लम्हों में भी तनहा रहे,
तुम को गुज़रे वक्त याद आते रहे,
तुम से मिल कर भी तो दिल नाशाद है ......
दर्द-ओ-गम की ताब जो न ला सके,
वो कहाँ दिल को कहीं बहला सके,
पास आकर भी तुम्हें ना पा सके,
इश्क में तेरे ये दिल बर्बाद है.......
http://vangmaypatrika.blogspot.com/2008/09/blog-post_2505.html
Wednesday, September 3, 2008
Tuesday, August 26, 2008
मेरे पास


"मेरे पास"
रूह बेचैन है यूँ अब भी सनम मेरे पास,
तू अभी दूर है बस एक ही ग़म मेरे पास
रात दिन दिल से ये आवाज़ निकलती है के सुन
आ भी जा के है वक्त भी कम मेरे पास
तू जो आ जाए तो आ जाए मेरे दिल को करार,
दूर मुझसे है तू दुनिया के सितम मेरे पास
दिल में है मेरे उदासी, के है दुनिया में
कहकहे गूँज रहे आँख है नम मेरे पास"
तू अभी दूर है बस एक ही ग़म मेरे पास
रात दिन दिल से ये आवाज़ निकलती है के सुन
आ भी जा के है वक्त भी कम मेरे पास
तू जो आ जाए तो आ जाए मेरे दिल को करार,
दूर मुझसे है तू दुनिया के सितम मेरे पास
दिल में है मेरे उदासी, के है दुनिया में
कहकहे गूँज रहे आँख है नम मेरे पास"
Wednesday, August 13, 2008
मोहब्बत-या-रब


"मोहब्बत-या-रब"हम ख़ुद अपनी तलाश में थे,
ज़बान पे कितने सवाल हैं अब ,
उन्ही सवालों की गर्दिशों मे,
न जाने कितने ख़याल हैं अब,
ना जाने क्यूं आत्मा छु गयी है ,
निगाह तुमने जो मुझपे डाली ,
जो दिल हमारा जगमगा गया है,
मोहब्बत-या-रब के कमाल हैं अब,
मेरी तरफ़ को जो आ रहे हैं,
उन रास्तों पर क़दम तो रखो ,
बिछा के रख देंगे रौशनी हम ,
तुम्हारे दानी मशाल हैं अब
Tuesday, August 12, 2008
Saturday, August 9, 2008
Thursday, August 7, 2008
सुखमय प्यार
"सुखमय प्यार "कब से तुझे निहार रहा हूँ ,
चंचल सुंदर मुख मंडल ,
अपने से मैं हार रहा हूँ .....
यह वो ही तो दिन है
जब मैने मांग भरी तुम्हारी ,
गजरा ये सुख की बेला
मैं तब से तुम्हें पुकार रहा हूँ ,
आ जाओ अब चैन नहीं है
सुख देता दिन रैन नही है ,
जीवन सफल करो तुम आ कर
कह दूँगा साकार रहा हूँ ,
मैं तेरा जन्म जन्म का प्रेमी
तेरा सुखमय प्यार रहा हूँ ..."
Saturday, August 2, 2008
"जिदगी भर यही सोचता रह गया"


http://swargvibha.freezoka.com/kavita/all%20kavita/Seema%20Gupta/zindagi%20bhar%20yahe%20sochata%20rah%20gaya.htm (http://www.swargvibha.tk/)
http://www.sahityakunj.net/LEKHAK/S/SeemaGupta/zindgi_bhar_yahi_sochata_rah.htm
Friday, August 1, 2008
तेरी अंजुमन में आ के



"तेरी अंजुमन में आ के"
तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
कभी वह भी दिन तो आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,
हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
मेरी तिशनगी बढा दी, ये ज़रा सा साथ कर के ....
कभी वह भी दिन तो आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,
यूँ ही साथ साथ चलते, यूँ ही सारी बात कर के ....
हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, है सुना समात कर के....
तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
मेरी जिदिगी बढ़ा दी मुझे ख़ुद से मात कर के ....
तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
मेरा दिल कहाँ गया है मुझे बे-सबात कर के.....
तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के......

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