Friday, August 1, 2008

तेरी अंजुमन में आ के



"तेरी अंजुमन में आ के"

तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
मेरी तिशनगी बढा दी, ये ज़रा सा साथ कर के ....

कभी वह भी दिन तो आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,
यूँ ही साथ साथ चलते, यूँ ही सारी बात कर के ....

हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, है सुना समात कर के....

तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
मेरी जिदिगी बढ़ा दी मुझे ख़ुद से मात कर के ....

तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
मेरा दिल कहाँ गया है मुझे बे-सबात कर के.....

तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के......

19 comments:

Pramod Kumar Kush ''tanha" said...

"अब और"

आँखों की गहराई मे आंसू कहीं दफ़न हो जाया करें ,
हर पल बरस कर सर -ऐ -महफिल तमाशा अब और बनाया ना करें .

अधूरी कहानी , प्यार का अफसाना कुछ भी मेरी ख्वावीश ना बने,
मोहब्बत की बातें मेरी तन्हाईयों को तन्हा अब और कर जाया ना करें.

कौन सी कयामत से गुजरा नही अब तलक ये नादाँ दिल मेरा ,
गम के बदल का रुख मेरी चौखट पे अब और आया ना करें .

कोई मुलाकात , जज्बात , एहसास , अब खंजर बन के दिल मे न चुभें,
वो लम्हा यादों के भवर मे मुझे अब और उलझाया न करें.

किसी माहोल , मंजर , महफिल से अब कोई रुसवाई न मिले मुझको ...


कभी वह भी दिन आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,

यूँ ही साथ साथ चलते यूँ, सारी बात कर के .........

Kitna khubsurat likhtii hein aap.Kuda karey ke aapki shayari pe aur nikhar aaye...
Meray blog par apna kiimti waqt bitane aur ghazalein pasand karne ke lie aapka dil se sukra guzaar huun..

अवनीश एस तिवारी said...

sundar hai

Anonymous said...

jessi kavita hai us se bhi achi pictures hai. great ka combination hota hai aapka. kaise search karti hai mughe bhi bata de...
Imran khan

lotto tickets said...

The nice thing with this blog is, its very awsome when it comes to there topic.

Faiyaz said...

main dekh raha hoon Seema aur tum par garv bhee kar raha hoon.............

"jo bhi karti ho kamaal karti ho
kaam tum bemisaal karti ho

Allah karay zoray kamaal aur ziyada"

............tumhara fan tumhara prshansak..........chakor

Anonymous said...

too good


op

डा. फीरोज़ अहमद said...

very nice
vangmay patrika aligarh

रश्मि प्रभा said...

तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के............
दिल पर असर कर गई.......

रंजना [रंजू भाटिया] said...

तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
मेरा दिल कहाँ गया है मुझे बे-सबात कर के.....

बहुत खूब

महामंत्री-तस्लीम said...

कोई मुलाकात , जज्बात , एहसास , अब खंजर बन के दिल मे न चुभें,
वो लम्हा यादों के भवर मे मुझे अब और उलझाया न करें.

हासिले गजल शेर है, बधाई स्वीकारें।

मोहन वशिष्‍ठ said...

हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, है सुना समात कर के....

क्‍या कहने वाह जी वाह

अनुराग said...

तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के......

gaaya ja sakta hai ise ,itni behtareen bani hai..

Rajesh Roshan said...

तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के...

बहुत खूब... आहिस्ता-आहिस्ता

amit verma said...

Baat baat ki Baat he..

Aur Ye Baat hame bahut pasand aayi, khass taur per iske classic photographs

Hamesha ishi tarah baatein kerte rehna....

vipinkizindagi said...

तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के...

bahut achcha sher

नीरज गोस्वामी said...

हमेशा की तरह...एक बार फ़िर..लाजवाब कर दिया हम को...
नीरज

शोभा said...

हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, है सुना समात कर के....

तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
मेरी जिदिगी बढ़ा दी मुझे ख़ुद से मात कर के ..
बहुत सुन्दर लिखा है। बधाई।

राकेश खंडेलवाल said...

सुन्दर. लिखते रहें

Sure said...

तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
मेरा दिल कहाँ गया है मुझे बे-सबात कर के.......
तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के............
umda shyari ka behtreen namuna.