


"तेरी अंजुमन में आ के"
तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
कभी वह भी दिन तो आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,
हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
मेरी तिशनगी बढा दी, ये ज़रा सा साथ कर के ....
कभी वह भी दिन तो आए, तेरे सामने मैं बैठूं ,
यूँ ही साथ साथ चलते, यूँ ही सारी बात कर के ....
हुआ मैं नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, है सुना समात कर के....
तेरी जीत में है पिन्हा मेरी जिंदिगी की खुशियाँ
मेरी जिदिगी बढ़ा दी मुझे ख़ुद से मात कर के ....
तुझे ढूंढता था पहले तुझे मांगता है अब भी,
मेरा दिल कहाँ गया है मुझे बे-सबात कर के.....
तेरे आने की ख़बर है मेरे दिल के रास्तों पर,
कहीं चोट लग न जाए ज़रा एहतिआत कर के......




































