Tuesday, July 29, 2008

"ऐसे ही"






"ऐसे ही"


ऐसे ही हम क़रीब नही आ गए होंगे,
रब ने ही यूं तकदीर बनाई हुई होगी...

ऐसे ही हम बाँहों मे समाये नही होंगे,
किस्मत ने वजह ज़रूर कोई पाई हुई होगी...

ऐसे ही हम ने अपनी बीती को बताया नही होगा,
हमदर्द बन के तुम जब तलक नही आयी हुई होगी...

ऐसे ही दिल की गहराईओं में तुम समाई नही होती,
कोई तो तेरी बात दिल को मेरे लुभाई हुई होगी....

ऐसे ही मेरे पास चली आओ तुम एक दिन,
वरना ये ज़िंदगी मेरी ऐसी ही गंवाई हुई होगी.........!



http://swargvibha.freezoka.com/gazal/all%20gazals/Seema%20Gupta/aise%20hi.htm (http://www.swargvibha.tk/)

19 comments:

daniashans' said...

you blasted me out.

great lady. i m obliged and proud of you.
i am short of words to express my feelings. your touches are extraordinary.

Tumhara....tahe-dil se prshanshak
....
Daniashans Pardarsh

faiyaz said...

Aisay he meray paas chalee aao....

just made loosing out mycontrol over emotions

Anonymous said...

Dil per haath rakh ker kaho ki jab tum ye likh rahi hogi tab tumhe kiska khyal aaya hoga??
It feels like somebody has poured his/her heart on behalf of ............
ऐसे ही मेरे पास चली आओ तुम एक दिन,
वरना ये ज़िंदगी मेरी ऐसी ही गंवाई हुई होगी....................................

Archeav

Anonymous said...

Hi SEEMA,
the poem titled "Aise Hee" seems to be based on scientific theory of 'cause and effect'.universe ki har ek ghatana ka jaroor koi na koi reason hota hai,koi bhi ghatna aise hee nahi ghat jati.
Aise hi nahi likhta koi ghazal ya kavita,
koi baat hai jo dil pe aai hui hogi/
Murat banai jisne bhi monalisa ki
surat uske zehan me koi chhai hui hogi //

surender kumar

Pramod Kumar Kush ''tanha" said...

ऐसे ही मेरे पास चली आओ तुम एक दिन,
वरना ये ज़िंदगी मेरी ऐसी ही गंवाई हुई होगी.........!

Kitni saadgi hai aapki kavitaon mein....Yuun hi likhtii rahein issi masoomiyat ke saath...

Pramod Kumar Kush ''tanha" said...

Eik chehra khilay kanwal sa hai
Uskaa andaaz bhi ghazal ka hai...

Roz tasweer toh badalti hai
Rang aankhon ka kab badalta hai

--- P K Kush 'tanha'

mukesh said...

bahut kohub , apki sabhi poeam or unki ek ek line ek ek word dil ki gehrai se likha hua hai , sach kahoo to apki har poeam padte huee aapse ek baar milne ko dil karta hai or aapse dher sari battee karne ka bhi. very nice poeam n my wishish always for you.

Anonymous said...

jab main apki kavita padta hu to dil dard sa hota hai




op

advocate rashmi saurana said...

ऐसे ही हम ने अपनी बीती को बताया नही होगा,
हमदर्द बन के तुम जब तलक नही आयी हुई होगी...
bhut khub. ati uttam.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

ऐसे ही दिल की गहराईओं में तुम समाई नही होती,
कोई तो तेरी बात दिल को मेरे लुभाई हुई होगी....

बहुत सुंदर लिखा है ..

मोहन वशिष्‍ठ said...

सीमा जी ऐसे ही लिखते रहें बस

हम यूं ही पढते रहें आपकी रचनाओं को बस
पता नहीं कब जिंदगी की रफ़तार हो जाए बस
इंतजा है खुदा से पढते रहें अल्‍फाज आप ही के अंत समय तक बस


मोहन वशिष्‍ठ

बाल किशन said...

सुंदर!
अति सुंदर!
अद्भुत शब्द चित्रण है.
उम्दा ख़यालात और बेहतरीन प्रस्तुति.

नीरज गोस्वामी said...

सीमा जी
बेहद खूबसूरत रचना...आप इतने सुंदर चित्र लाती कहाँ से हैं...??
नीरज

seema gupta said...

आप सभी का तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया , इस हौस्लाफ्जाही के लिए.

vipinkizindagi said...

ऐसे ही दिल की गहराईओं में तुम समाई नही होती,
कोई तो तेरी बात दिल को मेरे लुभाई हुई होगी....

बेहतरीन प्रस्तुति

राकेश खंडेलवाल said...

भाव अच्छे हैं परन्तु शिल्प अभी और सुधार मांगता है. साफ़ कहने के लिये क्षमा करें

अनुराग said...

ऐसे ही हम बाँहों मे समाये नही होंगे,
किस्मत ने वजह ज़रूर कोई पाई हुई होगी...
bahut khoob.....

Udan Tashtari said...

बेहद खूबसूरत...बहुत उम्दा...वाह!

Sanjeet Tripathi said...

जो मुझे कहना था वो तो मेरे गुरुवर ने पहले ही आकर कह दिया है ;)
मतलब कि उड़नतश्तरी जी ने।