Thursday, July 31, 2008

"बातें "



"बातें"

तुम से कहनी हज़ार हैं बातें,
लफ्ज़ कुछ, मगर बेशुमार हैं बातें...
तुम जिगर में उतरती जाती हो,
जो लिखी हमने अश्कबार हैं बातें...
अब दूर तुमसे रहा भी नहीं जाता,
फिर वो ही पहलू -ऐ -यार हैं बातें...
राज-ऐ-दिल लिए भटकते हैं तुम बिन,
क्या करें इस कदर बेकरार हैं बातें...


http://www.sahityakunj.net/LEKHAK/S/SeemaGupta/baaten.htm

19 comments:

Pramod Kumar Kush ''tanha" said...

Tariif se badhkar hai . Shabdon mein kehna mushkil hai.Har baar pehle se zyada khubsurat likhti ho . Har baar nayee baat nazar aati hai. Shubhkamnayein ....

Anonymous said...
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Anonymous said...
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Anonymous said...

"raaz-e-dil liye bhtaktay hain
kya karen beqarar hai baaten"

----
beqaraaree is kadar hai kya kahen
tum jo aa jaao koi baat baney

appear on blog every day with fresh flowers please
looking for a kavita daily from you,....u r so wonderful...
Seema ka..........shubhchintak

mukesh said...

too good seema ji ur great har bar wahi baat par likhne ka andaz har baar naya . dher sari subhkamnaye

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

तुम से कहनी हज़ार हैं बातें,
लफ्ज़ कुछ, मगर बेशुमार हैं बातें...

कितनी खूबसूरत बात कही है आपने.. इन दो पंक्तियो में.. बहुत सुंदर

Anil Pusadkar said...

lajawaab

बाल किशन said...

बहुत खूब.
अति सुंदर.
जवाब नहीं आपकी लेखनी का.
"तुम से कहनी हज़ार हैं बातें,
लफ्ज़ कुछ, मगर बेशुमार हैं बातें..."
गागर में सागर.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

राज-ऐ-दिल लिए भटकते हैं तुम बिन,
क्या करें इस कदर बेकरार हैं बातें..

बहुत खूब सीमा जी

"SURE" said...

कह लो जितनी कहनी है बातें
आंसू बन कर बहनी है बातें
पतों पर क्या हरयाली होगी
टूटी हुई जब टहनी है बातें
दूर रहना यहाँ भी नामुमकिन
तडपाती बड़ा ये विरहनी है बातें
प्यार किया तो शिकवा कैसा
यार की सारी सहनी है बातें
दिल का तुम्ही राज़ हो मेरे
तुम्ही से तुम्हारी कहनी है बातें

मोहिन्दर कुमार said...

सीमा जी
सुन्दर लिखा है आपने...

मगर जिन्दगी की हकीकर कुछ और ही कहती है

"जिन्हें हम कह नहीं सकते
जिन्हें तुम सुन नहीं सकते
वही कहने की बाते है
वही सुनने की बाते हैं"

advocate rashmi saurana said...

Seema ji, bhut badhiya baate hai. ati uttam.

vipinkizindagi said...

बहुत सुंदर....

vivek chauhan said...

bhut sundar. kuch alag hi rachana hai. very nice.

शोभा said...

तुम जिगर में उतरती जाती हो,
जो लिखी हमने अश्कबार हैं बातें
सुन्दर अभिव्यक्ति।

नीरज गोस्वामी said...

राज-ऐ-दिल लिए भटकते हैं तुम बिन,
क्या करें इस कदर बेकरार हैं बातें...
इस रचना में आप अपने पूरे रंग में हैं...बेहद खूबसूरत शब्द और भाव .
नीरज

Udan Tashtari said...

तुम से कहनी हज़ार हैं बातें,
लफ्ज़ कुछ, मगर बेशुमार हैं बातें...

--बहुत नाजुक रचना. अति सुन्दर, बधाइ.

Rajesh Roshan said...

सीमा जी ये बातें हैं या दरिया.... चली जाती है, रूकती ही नही... उस अफ़सोस के बाद भी कि अभी कहा कही हैं कोई भी बातें

Nihar said...

You write really well....and thanks for appreciating my writings....only request is that please don't see life in negative form...even in pain you create something positive and that is the beauty of creativity....Please do write and pour out your heart ....
Reagrds,
Nihar