Monday, August 2, 2010

दीवानगी

"दीवानगी"

ये मेरी दीवानगी ,
और उसकी संगदिली ,
रोज मिलने की सजा भी ,
और अदा हो बेदीली

27 comments:

Rakesh said...

Nice thought ....
"Kalam aapki shumaar ho , har nazar par aapka akhtiyaar ho ,
gunj panktiyo ki sune har juba se , aap aisi kalamkaar ho .....

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

कम शब्दो में सुंदर बात

योगेन्द्र मौदगिल said...

Wah
gagar me sagar........

Anil Pusadkar said...

bahut khoob

G M Rajesh said...

dil ki baten dil hi jaane
ho apne chahe anjaane
diwaangi ki talab rang to laayegi

'sakhi' 'faiyaz'allahabadi said...

"sangdil hai ek taraf aur ek taraf deewana hai,
shamma jalti ek taraf aur ek taraf parwana hai
aashiquon ka premiyon ka ek yehi afsana hai
bedili ki maar khata hai magar deewana hai" ......................................Seema deewangi isee ko kahte hain.............sach kaha

Advocate Rashmi saurana said...

kya baat hai. bhut khub.

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!!

vipinkizindagi said...

bahut sundar.....

Nitish Raj said...

वाह क्या खूब सीमा जी.

मेनका said...

Its gud to read gazals on ur blog. keep writing.

मोहन वशिष्‍ठ said...

ये मेरी दीवानगी ,

और उसकी संगदिली ,

रोज मिलने की सजा भी ,
और अदा हो बेदीली

वाह जी वाह सीमा जी बहुत ही अच्‍छी पंक्तियां

G M Rajesh said...

makta hai
gazal kahaan shodhana hai?
batatiye

भूतनाथ said...

vaah......itti kam.....goya ki cheenee kam.....acchhi hai....kya baat....kyaa baat...kyaa baat....

VIJAY KUMAR VERMA said...

wah maza aa gaya

अरुणेश मिश्र said...

आपने जो भी लिखा - गूँगे का गुड़ ।

Poonam Agrawal said...

Aksar aapke blog per aati hun ... ek lagaav sa ho gaya hai aapke blog se ... aapka blog behad khoobsoorat hai aur aapki rachnaye nayaab moti ... Shubhkamnaye ...

KK Yadava said...

बहुत खूबसूरती से भावों को पिरोया...उत्तम प्रस्तुति..बधाई.
__________________
'शब्द सृजन की ओर' में 'साहित्य की अनुपम दीप शिखा : अमृता प्रीतम" (आज जन्म-तिथि पर)

Sonal said...

khoobsurat bhaav.......

A Silent Silence : Mout humse maang rahi zindgi..(मौत हमसे मांग रही जिंदगी..)

Banned Area News : Has Shravani Counting Her Days?

निर्मला कपिला said...

गागर मे सागर! बहुत खूब।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

दीवानगी का रंग कैसा होता होगा ... कभी आँखों में उतरे तो हमें भी चले पता ...
बहुत खूब !

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सीमा जी, कैसे लिख लेती हैं आप इतनी भाव प्रवण पंक्तियाँ? गागर में सागर का एहसास।

VIJAY KUMAR VERMA said...

ये मेरी दीवानगी ,
और उसकी संगदिली ,
रोज मिलने की सजा भी ,
और अदा हो बेदीली
.उत्तम प्रस्तुति..बधाई.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सीमा जी, आज दुबारा आपकी यह कविता पढ़ी, और फिर तारीफ करने से स्‍वयं को रोक नहीं सका। बहुत ही सुंदर कविता है। एक बार फिर से बधाई स्‍वीकारें।

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मैं अभी तक तो स्‍वयं को शाकाहारी मानता रहा था, पर इस लेख को पढ़कर मेरी चूलें हिल गयी हैं।

Anonymous said...

Usually I do not write on blogs, but I would like to say that this article really convinced me to do so! Congratulations, pretty nice submit.

Anonymous said...

Excellent weblog, thanks for writing th is submit

आशा जोगळेकर said...

तेरे आने की ख़बर हैं दिल में जागी है उमंग,
कितने दीपक ला जला डाले हैं मेरी शाम ने...

वाह सीमाजी बहुत सुंदर .